अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में जांच तेज हो गई है। कोर्ट ने मामले के दो मुख्य आरोपियों, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव, को 14 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं, खासकर कथित रकम के बंटवारे और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका पर।
पुलिस लाइन से एसओजी कार्यालय तक
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस दोनों आरोपियों को जिला कारागार से पुलिस लाइन लेकर पहुंची। यहां उनकी मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें विशेष जांच दल (एसओजी) कार्यालय ले जाया गया। एसओजी की टीम दोनों आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर गहन पूछताछ करेगी।
रकम के बंटवारे का खुल सकता है राज
जांच एजेंसियों का मानना है कि रिमांड के दौरान घोटाले की रकम के लेन-देन और बंटवारे को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों को उन स्थानों पर भी ले जा सकती है, जहां कथित तौर पर रकम का वितरण या लेन-देन हुआ था।
अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक लेन-देन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं।
क्या है मामला?
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई धनराशि के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। मामले के सामने आने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों ने जांच शुरू की, जिसके बाद मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
आगे क्या?
14 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान होने वाली पूछताछ को मामले की जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस दौरान कई नए नाम सामने आ सकते हैं और घोटाले के पूरे नेटवर्क से पर्दा उठ सकता है। पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
